अक्षय तृतीया अर्थात मालामाल होने का स्वर्णिम अवसर

अक्षय तृतीया अर्थात मालामाल होने का स्वर्णिम अवसर

अक्षय तृतीया के दिन हर शुभ कार्य करने का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया के दिन गरीब को अपने घर बुलाकर सत्‍कार पूर्वक भोजन अवश्‍य कराना चाहिए। गृहस्‍थ लोगों के लिए ऐसा करना जरूरी बताया गया है। मान्‍यता है कि ऐसा करने से उनके घर में धन धान्‍य में अक्षय बढ़ोतरी होती है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हमें धार्मिक कार्यों के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्‍सा दान करना चाहिए। ऐसा करने से हमारी धन और संपत्ति में कई गुना इजाफा होता है।

मुंबई: अक्षय तृतीया (आखातीज) वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया पर किया गया कोई भी कार्य अक्षय रहता है और उसका 100 प्रतिशत फल मिलता है।
अक्षय तृतीया को सोने के आभूषण खरीदने सहित जमीन, मकान, वाहन, वस्त्र आदि की गई खरीदारी के लिए भी अतिशुभ व फलदायी माना गया है। इस दिन किया गया दान, स्नान, जप, हवन, तर्पण, श्राद्ध का फल भी अक्षय रहेगा।
नए संवत्सर का पहला व अबूझ सावा होने से विवाह, गृह प्रवेश, गृह आरंभ आदि शुभ व मांगलिक कार्य भी बिना मुहूर्त के किए जा सकेंगे।
इस साल अक्षय तृतीया पर शनि की चाल बदलना भी एक विशेष घटना है जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अगले 6 महीने तक देखने को मिलेगा।
इसदिन किए गए दान पुण्य के बारे में मान्यता है कि जो कुछ भी पुण्यकार्य इस दिन किए जाते हैं उनका फल अक्षय होता है यानी कई जन्मों तक इसका लाभ मिलता है।

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को लेकर कई मान्यताएं हैं। जिसमें से ये कुछ हैं:
भगवान विष्‍णु के छठें अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का जन्‍म हुआ था। परशुराम ने महर्षि जमदाग्नि और माता रेनुकादेवी के घर जन्‍म लिया था। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्‍णु की उपासना की जाती है। इसदिन परशुरामजी की पूजा करने का भी विधान है।

इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरीत हुई थीं। राजा भागीरथ ने गंगा को धरती पर अवतरित कराने के लिए हजारों वर्ष तक तप कर उन्हें धरती पर लाए थे। इस दिन पवित्र गंगा में डूबकी लगाने से मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन मां अन्नपूर्णा का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इस दिन गरीबों को खाना खिलाया जाता है और भंडारे किए जाते हैं। मां अन्नपूर्णा के पूजन से रसोई तथा भोजन में स्वाद बढ़ जाता है।

अक्षय तृतीया के अवसर पर ही म‍हर्षि वेदव्‍यास जी ने महाभारत लिखना शुरू किया था। महाभारत को पांचवें वेद के रूप में माना जाता है। इसी में श्रीमद्भागवत गीता भी समाहित है। अक्षय तृतीया के दिन श्रीमद्भागवत गीता के 18 वें अध्‍याय का पाठ करना चाहिए। गाल में इस दिन भगवान गणेशजी और माता लक्ष्मीजी का पूजन कर सभी व्यापारी अपना लेखा-जोखा (ऑडिट बुक) की किताब शुरू करते हैं। वहां इस दिन को ‘हलखता’ कहते हैं।

भगवान शंकरजी ने इसी दिन भगवान कुबेर माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने की सलाह दी थी। जिसके बाद से अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और यह परंपरा आज तक चली आ रही है। अक्षय तृतीया के दिन ही पांडव पुत्र युधिष्ठर को अक्षय पात्र की प्राप्ति भी हुई थी। इसकी विशेषता यह थी कि इसमें कभी भी भोजन समाप्त नहीं होता था।

अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त:
इन मुहूर्तों में वस्तु विशेष की खरीदारी व शुभ कार्य करने से अक्षय फल मिलेगा। जमीन, मकान, दुकान के लिए सुबह 8.15 से रात तक, आभूषण, वाहन, वस्त्र के लिए 10.51 से रात तक, सजावट, फर्नीचर के सुबह 11.15 से शाम 6.48 तक और इलेक्ट्रिक सामान, मशीनरी के लिए दोपहर 3.40 से शुभ मुहूर्त है।

सर्वार्थसिद्धि योग दिनभर:
सूर्योदय से लेकर दिनभर सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। कृतिका नक्षत्र रात 12.27 तक रहेगा। फिर रोहिणी नक्षत्र आएगा। ये नक्षत्र लोगों के लिए खासे शुभ हैं। इसके साथ ही रात 12.27 से अगले दिन तक रवि योग भी रहेगा।

विशेष मान्यता और महत्व:
भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को अज्ञातवास के दौरान अक्षयपात्र प्रदान किया था। वहीं, अक्षय तृतीया भगवान परशुराम के अवतरण की तिथि भी है। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। यह तिथि सदैव स्थायी रहती है। पंचांग में इसका कभी क्षय नहीं होता है। इस वजह से इसे ईश्वर की तिथि माना गया है। इसी दिन वृंदावन में बांकेबिहारीजी के चरणों दर्शन भी होंगे। सिर्फ इसी दिन भगवान विष्णु का अक्षत से पूजन होता है, अन्यथा विष्णु पूजन में अक्षत निषेध रहता है। इस दिन पंखा, चप्पल, सोना, चांदी, तांबा, छाता, गाय, कलश, जल से भरा बर्तन, स्वर्ण घड़ा, कुल्हड़ आदि मंदिर में दान किया जा सकता है।

आज से शनि होंगे वक्रीय:
बुधवार से शनि ग्रह भी वक्री हो रहा है। शनि का वक्री होना, यानी कि शनि की निश्चित चाल की गति धीमी हो जाना। रहेगा धनु राशि में ही, लेकिन दो कदम पीछे हो जाएगा और उसके अंश कम हो जाएंगे। इसका असर 12 राशियों के जातकों के ऊपर भी पड़ता है। इसकी राशि में शनि का असर है, वह राशि प्रभावित होगी।

दान-पुण्य का विशेष महत्व:
अक्षय तृतीया के दिन हर शुभ कार्य करने का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया के दिन कम से कम एक गरीब को अपने घर बुलाकर सत्‍कार पूर्वक उन्‍हें भोजन अवश्‍य कराना चाहिए। गृहस्‍थ लोगों के लिए ऐसा करना जरूरी बताया गया है। मान्‍यता है कि ऐसा करने से उनके घर में धन धान्‍य में अक्षय बढ़ोतरी होती है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हमें धार्मिक कार्यों के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्‍सा दान करना चाहिए। ऐसा करने से हमारी धन और संपत्ति में कई गुना इजाफा होता है।

भूलकर भी ना करें ये काम:
बिना स्नान किए तुलसी की पत्तियां ना तोड़ें।
अक्षय तृतीया पर सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई अवश्य करें।
अक्षय तृतीया के दिन व्रत ना खोलें अक्षय तृतीया के दिन नहाकर ही सबसे पहले पूजा स्थल में प्रवेश करें।
अक्षय तृतीया की पूजा हो सके तो पीले वस्त्र में करें।
अक्षय तृतीया के दिन घर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करवाना चाहिए।
अक्षय तृतीया के यात्रा करने से भी बचना चाहिए और संभव हो तो यात्रा टाल देनी चाहिए।
अगर आपने कोई व्रत रखा है तो ध्यान रखें, अक्षय तृतीया के दिन व्रत ना खोलें।
जनेऊ बिल्कुल नहीं धारण करना चाहिए अक्षय तृतीया के दिन जनेऊ बिल्कुल नहीं धारण करना चाहिए।

Note: Indiaajtak.com holds no responsibility or liability for its dependability, trustworthiness, reliability and data of the text as this story was sourced from a third party or public domain’s online sources.

Indiaajtak.com management reserves the sole right to alter, delete or remove (without notice) the content in its absolute discretion for any reason whatsoever.

Get latest local as well as national and global updates, subscribe to our web portal Indiaajtak.com, stay connected and get involved with us through our social media network to get every latest update. 

About Admin

With a vision to create an independent media platform for common men of India, India Ajtak was founded in 2012 by IPS Yadav a visionary media man under the ownership of Independent Publicity Services, Mumbai. Web Portal http://indiaajtak.com/ and You Tube Channel https://youtube.com/indiaajtaklive publishes exclusive contents related (but not limited to) Innovative News Biographies, Success Stories, Business Listing, Portfolios, Headlines, Current Affairs, Events, Breaking News, Trending News, Reviews, Interviews, Analysis, Investigations.
View all posts by Admin →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *