आसाराम को उम्रकैद: हरिओम हरि, क्यों रोता है पगले, जेल में गा ले ख़ुशी के तराने

आसाराम को उम्रकैद: हरिओम हरि, क्यों रोता है पगले, जेल में गा ले ख़ुशी के तराने

ये कैसा भगवान! ढोंगी आसाराम उम्रकैद सुनकर रोया क्यों, यदि वो असली बाबा है तो आज उसे और उसके अंधभक्तों को ख़ुशी के तराने गाने चाहिए. जेल में सजा सुनाए जाने के बाद आसाराम सिर पकड़कर बैठ गया और हरिओम-हरिओम जपने लगा, रेप मामले में उम्रकैद की सजा सुनकर रोया आसाराम, साथ दो अन्य दोषी शिल्पी और शरद भी रोने लगे. उधर कांग्रेस ने आसाराम के साथ पीएम नरेन्द्र मोदी की निकटता दिखाने वाली तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है जिससे हंगामा मचा हुआ है. हमारा सवाल है कि देश की तमाम जेलों में बंद अन्य बलात्कारियों को फांसी कब तक होगी?

नई दिल्ली। नाबालिग से रेप और दुष्कर्म के मामले में दोषी आसाराम को जोधपुर की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इससे पहले उन्हें पॉक्सो यानी प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था. आसाराम के साथ दो अन्य दोषी शिल्पी और शरद को 20-20 साल जेल की सजा सुनाई गई है.

इस मामले में दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था. आसाराम पर आने वाले फैसले को लेकर प्रशासन ने जबरदस्त तैयारी की थी. पूरे जोधपुर में धारा 144 लगाई गई और चप्पे चप्पे पर पुलिस की मौजूदगी रही. इससे पहले वरिष्ठ वकील आभा सिंह ने चैनल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बलात्कारी और ढोंगी बाबा आसाराम बहुत ही घिनोने अपराध का दोषी है और उसे उम्रकैद से कम की सजा नहीं होनी चाहिए.

हमारा सवाल: ढोंगी आसाराम उम्रकैद सुनकर रोया क्यों, यदि वो भगवान है जैसा कि वह और उसके अंधभक्त मानते हैं तो उसे और उसके अंधभक्तों को ख़ुशी के तराने गाने चाहिए. दोषी करार दिए जाने के बाद इस मामले में आसाराम के खिलाफ सजा पर बहस हुई जिसके बाद जज ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस में आसाराम के अलावा दो अन्य शिल्पी और शरतचंद्र को भी दोषी करार दिया गया है वहीं दो अन्य को बरी कर दिया गया है।

खबरों के अनुसार जेल में सजा सुनाए जाने के बाद आसाराम सिर पकड़कर बैठ गया और हरिओम-हरिओम जपने लगा। इस बीच जेल परिसर में एंबुलेस जाते हुए देखी गई जिसके बाद माना जा रहा है कि आसाराम की तबीयत बिगड़ गई है। हालांकि, कुछ देर बाद सूचना आई कि आसाराम की तबीयत ठीक है। इस बीच आसाराम के कुछ समर्थक जेल के बाहर पहुंचकर हंगामा करने लगे जिन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

फैसले के बाद आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने कहा कि हम अपनी लीगल टीम से चर्चा करेंगे और भविष्य के प्लान पर फैसला लेंगे। हमें न्याय व्यवस्था में भरोसा है। इससे पहले सुबह 8 बजे जोधपुर कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा, वकील व अन्य अधिकारी सेंट्रल जेल पहुंचें और सजा पर सुनवाई हुई। यह सुनवाई जेल में बैरक नंबर दो के पास बने बैरक में हुई।

डेरा चीफ राम रहीम पर फैसले के दौरान हुई हिंसा से सबक लेते हुए केंद्र और राज्यों ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं साथ ही जोधपुर में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी है। फैसले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।

आसाराम पर आने वाले फैसले पर पूरे देश में मौजूद उसके समर्थकों की नजर है। कई समर्थक तो जोधपुर पहुंचे हैं और जेल के बाहर तक आ गए। ऐसे ही एक समर्थक को माला के साथ पुलिस ने पकड़ा है। वहीं आसाराम सुबह 4 बजे से उठ गया। उसकी तबीयत को देखते हुए जेल के बाहर एक एंबुलेंस भी खड़ी की गई है।

आसाराम ने धमकाया था, इसलिए पीड़िता ने दिल्ली जाकर 20 अगस्त, 2013 को कमला नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहां से केस जोधपुर रेफर किया गया था। जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में है।

नाबालिग से दुष्कर्म का यह मामला मप्र, उप्र व राजस्थान से ज़ुड़ा है। पीड़िता उप्र के शाहजहांपुर की मूल निवासी है। वह मप्र के छिंदवाड़ा के आश्रम में रह कर पढ़ाई कर रही थी। आसाराम पर आरोप है कि उसने पीड़िता को जोधपुर के पास मनाई स्थित अपने आश्रम में बुलाया और 15 अगस्त, 2013 की रात उससे दुष्कर्म किया।

उधर, जेल में आसाराम ने फैसले की पूर्व संध्या पर कहा- “अब भगवान से ही उम्मीद है, होई है वही जो राम रचि राखा।” मंगलवार को जोधपुर कलेक्टर रविकुमार सुरपुर व पुलिस उपायुक्त अमनदीप सिंह जेल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर ने आसाराम से पूछा- “फैसले को लेकर क्या सोच रहे हो?” इस पर आसाराम ने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह मंजूर होगा। वह और उनके समर्थक गांधीवादी विचारधारा के हैं और अहिंसा में यकीन रखते हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जोधपुर छावनी में तब्दील हो गया है। पुलिस की छह कंपनियां भेजी गई हैं। शहर में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस होटलों और धर्मशालाओं की सघन चेकिंग कर रही है। राजस्थान में बने आसाराम के आश्रमों को खाली करा लिया गया है।

पिछले साल हरियाणा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ दुष्कर्म मामले में फैसला आने के बाद पंचकूला में उसके समर्थकों ने हरियाणा व पंजाब में बड़े पैमाने पर हिंसा की थी। इससे सबक लेकर गृह मंत्रालय ने आसाराम के मामले में कोई चूक नहीं करने की ऐहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी है। आसाराम के प्रभाव वाले राज्यों को सतर्क कर दिया गया है। इसी कड़ी में राजस्थान, गुजरात व हरियाणा में कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय तीनों राज्यों के संपर्क में है। केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने इस मुद्दे पर वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है।

, , , , , ,

About Admin

With a vision to create an independent media platform for common men of India, India Ajtak was founded in 2012 by IPS Yadav a visionary media man under the ownership of Independent Publicity Services, Mumbai. Web Portal http://indiaajtak.com/ and You Tube Channel https://youtube.com/indiaajtaklive publishes exclusive contents related (but not limited to) Innovative News Biographies, Success Stories, Business Listing, Portfolios, Headlines, Current Affairs, Events, Breaking News, Trending News, Reviews, Interviews, Analysis, Investigations.
View all posts by Admin →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *