एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कई राज्यों में हिंसा

एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कई राज्यों में हिंसा

नई दिल्ली। एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ दलित संगठनों का भारत बंद हिंसक हो गया है। कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें हैं। गाजियाबाद में एम्‍स के डॉक्‍टरों व नर्सों से भरी बस पर प्रदर्शनकारी भीड़ ने पथराव कर दिया। मेरठ में जहां हिंसा के दौरान गोली लगने से 4 के घायल होने की खबर है। राजस्थान के अलवर में प्रदर्शन के हिंसक होने की वजह से हुई पुलिस फायरिंग में एक की मौत व 3 लोगों के घायल होने की खबर है वहीं मध्यप्रदेश के भिंड, मुरैना और ग्वालियर में 6 लोगों के मौत की खबर है। इसके बाद यहा कर्फ्यू जैसे हालात हो गए हैं और धारा 144 लगा दी गई है।

सभी राज्यों में अलर्ट

हिंसा को देखते हुए यूपी के सभी राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वैसे तो इस बंद को देखते हुए राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहे हैं। सोमवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और ट्रेने रोक दीं। दलितों के इस प्रदर्शन को राजनीतिक दलों का समर्थन मिल गया है।

केंद्र की पुनर्विचार याचिका दायर

इस बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है जिसे कोर्ट ने सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सहमत नहीं है और हमने इसे लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की है।

मेरठ, अलवर, बाड़मेर, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में हिंसा

देश में सुबह से शुरू हुआ बंद दिन चढ़ने के साथ कई राज्यों में यह बंद हिंसक होने लगा। मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान के अलवर, बाड़मेर, यूपी के मथुरा और हापुड़, झारखंड और बिहार के कई शहरों में हिंसा हुई है। मेरठ में तो प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ करने के साथ वाहनों और पुलिस थाने में आग लगा दी है। हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने मेरठ में पूर्व विधायक और महापौर के पति व बसपा नेता योगेश वर्मा को गिरफ्तार किया है।

वहीं बाड़मेर में भी लोगों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। मध्यप्रदेश में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में 5 की मौत होने की सूचना है। यूपी के हापुड़ में भी कई वाहनों को आग लगा दी गई है और आग बुझाने पहुंची दमकल की टीम पर पथराव हुआ है।

गुजरात के भी कई शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें हैं

खबरों के अनुसार यूपी, बिहार के अलावा ओडिशा, पंजाब, राजास्थान समेत कई राज्यों में दलित समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए है और ट्रेनें रोकने के अलावा सड़कें भी जाम कर दीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायरों में भी आग लगा दी और नारेबाजी करने लगे।

यूपी के कई शहर हिंसा में जले

यूपी में बंद के दौरान जारी हिंसा का असर कई शहरों में नजर आया है। इस दौरान एक व्‍यक्ति के मारे जाने की सूचना मिल रही है। मुजफ्फरनगर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। मृतक का नाम अमरीश निवासी गादला, थाना भोपा है।इसको देखते हुए पांच कंपनी पीएसी और चार कंपनी RAF अतिरिक्त तैनात की गई हैं। मेरठ हापुड़ आगरा और गाजियाबाद में रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त कंपनी तैनात कर दी गई हैं। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए पांच कंपनी पीएसी भी संवेदनशील जिलों को भेजी जा रही हैं।

प्रदेश के मेरठ और आगरा जोन में सर्वाधिक आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाएं हुई हैं वहीं मेरठ, हापुड़, आगरा मुजफ्फरनगर, नोएडा में आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया है।

भारत बंद के दौरान मेरठ और मुजफ्फरनगर में जमकर उपद्रव हुआ। अराजक भीड़ ने प्रमुख हाईवे और सड़कों पर जाम लगाने के साथ ही रेल ट्रैक भी ठप कर दिया। मेरठ में दिल्‍ली-देहरादून हाईवे और रोहटा रोड पर उपद्रवियों ने आधा दर्जन से अधिक बसों में आग लगा दिया। राहगीरों से बदसलूकी की। हाईवे पर स्‍थित शोभापुर पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया। कलक्ट्रेट और कचहरी तक भी पहुंच गए। परिवार न्‍यायालय में आगजनी की कोशिश की। फायरिंग और तोड़फोड़ हुई। इसके बाद वकीलों और उपद्रवियों के बीच भी झड़प हुई।

उत्तर बिहार में बंद के दौरान कई ट्रेनें रोकीं, पथराव और आगजनी

भारत बंद के दौरान उत्तर बिहार के कई जिलों में ट्रेनें रोकी गईं। जबरन दुकानें बंद कराई गईं। सड़क पर आगजनी और जाम लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। पथराव भी किया गया।

दरभंगा शहर में बंद समर्थकों ने जबर्दस्त उत्पात मचाया। दरभंगा जंक्शन पर नई दिल्ली से आने वाली स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन पर पथराव किया। तीन ट्रेनों को रोके हुए हैं। दरभंगा टावर स्थित फल मंडी में तोडफोड़ व उत्पात मचाया। एनएच 57 सहित प्रमुख सड़कों को जाम कर दिया है।

मधुबनी रेलवे स्टेशन पर बंद समर्थकों ने सियालदह-जयनगर गंगाएक्सप्रेस ट्रेन रोकी। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में बंद समर्थक सड़क जाम कर डटे हैं।

मोतिहारी शहर में कई जगहों पर तोडफोड़

बेतिया में बंद समर्थक लाठी-डंडों के साथ सुबह करीब दस बजे ही सड़कों पर निकल पड़े। दुकानें बंद करा दीं। रेल परिचालन भी प्रभावित रहा। सुबह से ही ट्रेनें जहां की तहां खड़ी रहीं।

मुजफ्फरपुर में रामदयालु व अहियापुर में सड़क जाम। टायर जलाकर प्रदर्शन। एंबुलेंस और स्कूली बस भी रोकी गई। कई जगहों पर हथियार के साथ प्रदर्शन। कांटी में बंद समर्थकों ने जबरन दुकानें बंद कराईं। एनएच 28 फोरलेन पर वाहनों का परिचालन रोका। करजा थाना क्षेत्र के बड़कागांव में मुजफ्फरपुर-देवरिया मार्ग बंद करने के दौरान एक गुट के विरोध पर झड़प।

पंजाब में सबसे ज्यादा दलित

भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। दलित संगठनों के विरोध का सबसे अधिक असर पंजाब में पड़ने की संभावना है। इसके चलते पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

कानून व्यवस्था हर कीमत पर
बंद के दौरान सोमवार को बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस के साथ रिजर्व फोर्स और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया है। सुरक्षा बल जिलों में लगातार फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और हर कीमत पर कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। पंजाब में बंद को सत्ताधारी कांग्र्रेस के सांसदों व विधायकों ने बंद को समर्थन दिया है।

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