बागी 2 मेरे लिए धूम के समान: टाइगर श्रॉफ

बागी 2 मेरे लिए धूम के समान: टाइगर श्रॉफ

टाइगर श्रॉफ का बड़ा कारनामा, तीन दिन में 100 करोड़ के क्लब में पहुंचने को बेकरार टाइगर की एक्शन फिल्म बागी 2

रूना आशीष

“मैं अपने बालों को ले कर हमेशा इमोशनल रहा हूं। मुझे अच्छा नहीं लगता जब मेरे बाल काटे जाते थे। बचपन से मुझे लंबे बाल अच्छे लगते हैं। मेरा ‘बागी 2’ में लुक बहुत अलग है। मैंने छोटे बाल कराए है और इसका श्रेय मेरे निर्माता और निर्देशक को जाता है।”

बागी 2 में अलग तरह का एक्शन

बागी 2 के हीरो टाइगर अपनी फिल्म में एक एक्स आर्मी वाले का रोल निभा रहे हैं। फिल्म के बारे में वेबदुनिया संवाददाता रूना आशीष से बात करते हुए टाइगर ने आगे बताया कि “फिल्म में मैं कुछ अलग ही तरह का एक्शन लोगों के सामने लाना चाहता था। जिसके लिए मैंने थाइलैंड में ट्रेनिंग भी ली।”

ट्रेनिंग के बारे में बताएं?
मैं बैंकॉक में चार हफ्ते तक रहा। मैं सुबह उठ कर वेट ट्रेनिंग करता था। फिल्म के लिए मुझे 5-6 किलो की मसल गेन भी करनी थी। मैंने फिल्म में कई हथियार चलाए हैं तो उसकी ट्रेनिंग भी ली। फिर शाम को मैं मार्शल आर्ट के अलग तरह के गुर सीखता था। आपने अगर मेरा हैलिकॉप्टर शॉट देखा हो तो उसमें भी मैंने बहुत मेहनत की है। उसे अहमद खान ने कोरियोग्राफ किया है।

साजिद ने आपके साथ बागी 3 भी घोषित कर दी है।
मुझे बहुत अच्छा लगता है कि मैं करियर में इतनी जल्दी किसी फ्रैंचाइज़ का हिस्सा बन गया हूं। बागी 2 तो मेरे लिए धूम के समान हो गई है।

आप जल्द ही रितिक के साथ काम करने वाले हैं?
मेरे लिए तो यह बहुत बड़ा चैलेंज होगा। मैं उन्हें अपना गुरु मानता हूं। ज़ाहिर सी बात है कि लोग डांस और एक्टिंग का साथ-साथ लुक्स में भी तुलना करेंगे, लेकिन मैं तो इसी बात को ले कर नर्वस हूं कि मैं कैसे करूंगा ये सब। मुझे तो उनके साथ एक्टिंग करना है तो उनके साथ खड़े रहूं इस लायक भी बनना होगा।

तैयारी शुरू की?
अभी तो मैं भी बागी 2 में और रितिक सुपर 30 की शूट में व्यस्त हैं। कोई तैयारी शुरू नहीं हुई, लेकिन जब भी होगी दमदार तरीके से होगी। मेरे सामने रितिक हैं ना।

आप बहुत शर्मीले किस्म के शख्स माने जाते हैं। आप कितने बागी हैं?
मेरे से ज़्यादा तो मेरे पापा बागी हैं, लेकिन मैं भी कम नहीं हूं। मैं अपने स्कूल में बिल्कुल पढ़ाई नहीं करता था। मैं क्लास छोड़ कर खेलने भाग जाता था। फुटबॉल खेलता था, लेकिन मेरे स्कूल में उस समय तक सिर्फ क्रिकेट ही था। वैसे भी उस समय तक हमारे देश में क्रिकेट को ही बढ़ावा देते थे। ये बात मुझे समय रहते समझ आ गई। फिर ऐसे में मुझे फिल्मों के भी ऑफर्स आने लगे थे तो मैंने सोचा क्यों ना खेल का अनुशासन एक्टिंग में आज़मा लिया जाए।

तो कब खुलासा हुआ कि मैं अभिनय के लिए बना हूं?
वो खुलासा तो आज भी नहीं हुआ। मुझे आज भी नहीं लगता कि मैं अभिनय कर सकता हूं।

साभार: रूना आशीष, संवाददाता, वेबदुनिया

लेखक के बारे में:

लम्बे समय से टीवी फिल्म पत्रकारिता में सक्रिय पत्रकार व फिल्म समीक्षक रूना आशीष आज तक और न्यूज़ नेशन में कार्य कर चुकी हैं. वह बॉलीवुड सिनेमा व संगीत की नियमित स्तंभ लेखक और फिल्म समीक्षक हैं
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