राष्ट्रपति भवन दिल्ली में महामहिम से मिले राष्ट्रसंत शांतिदूत गच्छाधिपति गुरुदेव जैनाचार्य श्रीमद् विजय नित्यानन्द सूरीश्वरजी महाराज

राष्ट्रपति भवन दिल्ली में महामहिम से मिले राष्ट्रसंत शांतिदूत गच्छाधिपति गुरुदेव जैनाचार्य श्रीमद् विजय नित्यानन्द सूरीश्वरजी महाराज

राष्ट्रपति भवन दिल्ली में राष्ट्रसंत शांतिदूत गच्छाधिपति गुरुदेव जैनाचार्य श्रीमद् विजय नित्यानन्द सूरीश्वरजी म.सा के दीक्षा अर्धशताब्दिवर्ष पर महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी ने गच्छाधिपति जी से कहा कि आपको देखकर सभी प्रसन्न हो जाएं ऐसी दिव्यता आपके पास है

नई दिल्ली: आज भारत के सर्वोच्च पदासीन, महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के साथ राष्ट्रपति भवन में जिनशासन के सर्वोच्च पदासीन गच्छाधिपति आचार्य भगवन्त श्रीमद् विजय नित्यानन्द सूरीश्वर जी म.सा की प्रथम मुलाकात हुई।

कार्यक्रम में गच्छाधिपति गुरुदेव ने भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के विश्वकल्याणकारी सिद्धान्तों पर चलने व जैनाचार्य गुरु वल्लभ के सेवा, शिक्षा, स्वावलंबन,साधर्मिक उत्कर्ष ओर साहित्य प्रचार जैसे सर्वोदयी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

गुरुदेव ने राष्ट्रपति जी के शालीन व्यक्तित्व की अनुमोदना की। साथ ही भगवान महावीर स्वामी की परिकरयुक्त रत्ननिर्मित प्रतिमा भेंट की। राष्ट्रपति जी ने प्रतिमा स्वीकार करते हुए कहा कि जैसे प्रतिमा में वजन है ऐसे ही महावीर के सिद्धान्त भी वजनदार हैं।

इस अवसर पर श्री आत्म वल्लभ जैन स्मारक शिक्षण निधि के पदाधिकारी श्री राजकुमार जैन ओसवाल, श्री नरेन्द्र जैन कोस्को, श्री अशोक जैन रोहिणी, श्री आत्म वल्लभ जैन संघ किनारी बाजार दिल्ली के पदाधिकारी श्री देवेन यशवंता, श्री वीरेंद्र बुरड़, बुरड़ परिवार के कुछ सदस्य और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

ये प्रतिमा मोहनोत जेम्स, जयपुर, मुम्बई से विजय वल्लभ स्मारक के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति जी को भेंट देने हेतु मंगवाई गयी।
उन्होंने कहा कि ये प्रतिमा राष्ट्रपति भवन में उचित स्थान पर विराजित होगी व जब भी दर्शन करूँगा आपकी स्मृति भी हो जाएगी।

इस अवसर पर तपागच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय प्रेम सूरीश्वर जी म.सा के शताब्दि कार्यक्रम के आयोजन का शुभारंभ राष्ट्रपति जी के करकमलों द्वारा किया गया।

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