498-A accused Sas-Sasur spotted in police station but survived arrest

क्राइम न्यूज़

498-ए के आरोपी सास-ससुर महिला पुलिस थाने में लाइन हाजिर लेकिन गिरफ्तारी से बचेपत्नी ने कराया था घरेलू हिंसा व दहेज़ उत्पीडन का केस दर्ज, पति अभी भी फरार

कोटा | 06-07-2017

मुंबई के फ़रार सास-ससुर बुधवार को बड़े ही नाटकीय ढंग से कोटा महिला पुलिस थाने में लाइन हाजिर हुए लेकिन पुलिस को गुमराह करते हुए और पीडिता पत्नी को अपने बड़े रसूख और ऊंची पहुँच की धमकी देते हुए गिरफ्तारी से बच निकले, कोटा की उनकी पुत्र वधु बेबी उर्फ़ अर्चना ने उनके खिलाफ 498-ए के तहत घरेलू हिंसा व दहेज़ उत्पीडन का केस दर्ज कराया था, मुम्बई में अपने बेटे परितोष पोहनकर को छोड़कर सास-ससुर रंजना पोहनकर और सुधीर पोहनकर अकेले ही आये और बेबी उर्फ़ अर्चना का पति परितोष पोहनकर अभी भी फरार है. बेबी का आरोप है कि उसके पति को साजिश के तहत उन्होंने ही कहीं छुपा रखा है, और वे उसको शुरू से ही उससे नहीं मिलने दे रहे हैं.

मुंबई के दहिसर पूर्व आनंद नगर स्थित एक सास-ससुर और पति के खिलाफ उनकी बहू व पत्नी बेबी उर्फ़ अर्चना ने घरेलू हिंसा और दहेज़ उत्पीडन का (परिवाद अंतर्गत धारा 156(3) सीआरपीसी, अपराध अंतर्गत धारा 498-ए और 406 आईपीसी के तहत) आपराधिक मामला दर्ज कराया है. इसके बाद अभियुक्त सास-ससुर रंजना पोहनकर-सुधीर पोहनकर और परितोष पोहनकर मुंबई में अपने घर से फरार थे. पुलिस का दवाब बढ़ते देख वे तो लाइन हाजिर हुए लेकिन अपने बेटे परितोष को उन्होंने अंडरग्राउंड कर दिया है, ताकि वह पुलिस की गिरफ्त से बच सके. महिला पुलिस ने मामूली पूछताछ करके अभियुक्त सास-ससुर रंजना पोहनकर-सुधीर पोहनकर को छोड़ दिया. हालाँकि कोटा महिला  पुलिस ने उन्हें 17 जुलाई को अपने बेटे के साथ वापस हाजिर होने का एक और मौका दे दिया है.

इस बीच सुधीर पोहनकर अपनी पुत्रवधू बेबी उर्फ़ अर्चना को वापस अपने घर आकर रहने के लिए मनाते नजर आये लेकिन रंजना पोहनकर ने अपनी पुत्रवधू बेबी उर्फ़ अर्चना को वापस अपने घर में रहने के लिए साफ़ मना कर दिया. सास रंजना ने अपनी पेंटिंग और खराब सेहत का हवाला देते हुए कहा कि अर्चना के घर में उसके साथ रहने से उनको डिस्टर्ब होगा. वापस जाते-जाते उन्होंने अर्चना को केस वापस न लेने पर धमकी दी कि वह उसके बेटे से दूर रहे, अंबानी बंधुओं और किसी राकेश श्रीमाली से उनके मधुर सम्बन्ध हैं और वो अर्चना के साथ कुछ भी करवा सकती है. बेबी उर्फ़ अर्चना ने यह सब पुलिस प्राथमिकी में दर्ज कराया है फिर भी पुलिस के शिकंजे में आये अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं किया गया.

मामला राजस्थान के कोटा शहर का है, और मुंबई के अभियुक्त से सम्बंधित है, कोटा शहर महिला पुलिस थाने में दर्ज पुलिस प्राथमिकी रिपोर्ट (FIR No. 0186, Dated 20-06-2017, Under Act. 498A, 406 of IPC) के अनुसार कोटा की निवासी बेबी उर्फ़ अर्चना यादव (आगे बेबी यादव पढ़ें) की शादी मुंबई के परितोष पोहनकर से हिन्दू रीति-रिवाज़ के अनुसार कोटा में 16-09-2012 को हुई थी. शादी के बाद जब बेबी यादव दहिसर स्थित अपनी ससुराल में आकर रहने लगी तो उसकी सास रंजना पोहनकर उस पर दहेज़ को लेकर उसे ताने देने लगी. बेबी को उसकी सरकारी पगार के पैसे देने के लिए और अपने माँ-बाप की प्रॉपर्टी में से एक तिहाई हिस्सा लाने के लिए टार्चर किया गया, उसको अपने घर से निकाल दिया और उसे उसकी सरकारी नौकरी से भी सस्पेंड करवा दिया. मजबूरन बेबी यादव को न्याय के लिए पुलिस, कानून और अदालत की शरण लेनी पडी.

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