Wife filed case of domestic violence and dowry, accused father-in-law and husband fugitives from fear of arrest

पारिवारिक फोटो

 

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परितोष पोहनकर और बेबी उर्फ़ अर्चना यादव
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परितोष पोहनकर और रंजना पोहनकर
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रंजना पोहनकर
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अपने किसी ख़ास राजस्थानी मित्र के साथ रंजना पोहनकर
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सुधीर पोहनकर

पत्नी ने कराया घरेलू हिंसा व दहेज़ उत्पीडन का केस दर्जगिरफ्तारी के डर से अभियुक्त सास-ससुर और पति हुए फ़रार

कार्यालय संवाददाता, कोटा-मुंबई, 27-06-2017

मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र दहिसर पूर्व आनंद नगर स्थित एक सास-ससुर और पति के खिलाफ उनकी बहू व पत्नी बेबी यादव ने घरेलू हिंसा और दहेज़ उत्पीडन का (परिवाद अंतर्गत धारा 156(3) सीआरपीसी, अपराध अंतर्गत धारा 498-ए और 406 आईपीसी के तहत) आपराधिक मामला दर्ज कराया है. लेकिन अभियुक्त सास-ससुर रंजना पोहनकर और सुधीर पोहनकर और पति परितोष पोहनकर अपने घर से फरार हैं. केस दर्ज हुए पंद्रह दिन से अधिक हो गए लेकिन पुलिस अभी तक घर से गायब अभियुक्त को ढूंढ नहीं पाई है. मामला राजस्थान के कोटा शहर का है, और मुंबई के अभियुक्त से सम्बंधित है, कोटा शहर महिला पुलिस थाने में दर्ज पुलिस प्राथमिकी रिपोर्ट (FIR No. 0186, Dated 20-06-2017, Under Act. 498A, 406 of IPC) के अनुसार कोटा शहर की बेबी उर्फ़ अर्चना यादव (आगे बेबी यादव पढ़ें) की शादी मुंबई के परितोष पोहनकर से हिन्दू रीति-रिवाज़ के अनुसार कोटा में 16-09-2012 को हुई थी. शादी के बाद जब बेबी यादव दहिसर स्थित अपनी ससुराल में आकर रहने लगी तो उसकी सास रंजना पोहनकर उस पर दहेज़ को लेकर उसे ताने देने लगी. बेबी को उसकी सरकारी पगार के पैसे देने के लिए और अपने माँ-बाप की प्रॉपर्टी में से एक तिहाई हिस्सा लाने के लिए टार्चर किया गया, उसको अपने घर से निकाल दिया और उसे उसकी सरकारी नौकरी से भी सस्पेंड करवा दिया. मजबूरन बेबी यादव को न्याय के लिए पुलिस, कानून और अदालत की शरण लेनी पडी.

बड़े घराने, छोटी सोच

दरअसल यह आपराधिक मामला देश के दो नामचीन शास्त्रीय घरानों का भी है क्योकि पीड़ित बेबी यादव एक ओर जहाँ जयपुर-अतरौली घराने की शास्त्रीय गायिका है, वहीँ दहिसर का पंडित पोहनकर परिवार भी किराना घराने से सम्बंधित है. तथाकथित बड़े फ़िल्म, संगीत और बिज़नेस घरानों में कितने छोटे व निचले दर्जे के लोग हो सकते हैं, यह मामला इसकी खबर भी देता है. बेबी व परितोष पोहनकर युगल की शादी के कुछ दिनों बाद बेबी यादव को पता चला कि परितोष की कमाई कुछ ख़ास नहीं है और उसे शराब पीने की बुरी लत भी है. जबकि बेबी यादव राजस्थान के पशुधन विभाग में बतौर पशुधन सहायक कार्यरत थी और उसका वेतन भी ठीक ठाक था. यादव परिवार की अथाह धन-दौलत और बेबी यादव का वेतन हड़पने के चक्कर में आकर ही परितोष ने बेबी यादव को प्रेमजाल में फंसाकर उससे शादी की. इसका खुलासा कुछ दिनों में तब हो गया जब परितोष की मां उसके पिता की प्रॉपर्टी, पैसे के लिए बेबी यादव के पीछे पड़ गयी. लेकिन बेबी ने उसे ठेंगा दिखा दिया तो वह घायल नागिन बन गयी. बेबी यादव ने जब परितोष की शराब की आदत पर सवाल किया तो वह बेबी के साथ मारपीट करने लगा जिसमें उसकी मां ने अपने बेटे का ही पक्ष लिया.

सास रंजना पोहनकर असली विलेन

अपने पति के बारे में बेबी यादव को यह भी पता चला कि उसकी तो पहले भी एक शादी हो चुकी है और पहली पत्नी से तलाक लिए बिना परितोष ने बेबी यादव से दूसरी शादी की. उनकी पहली पत्नी परितोष पोहनकर और उनके माता-पिता के झगड़ालू रवैये, टार्चर और दहेज़ उत्पीडन से तंग आकर उन्हें छोड़कर चली गई. बेबी की सास रंजना पोहनकर बेबी यादव को यह कहकर डराने-धमकाने लगी कि अगर तू अपनी कमाई और अपने पिता की जायदाद में से हिस्सा नहीं देगी, अपने माँ-बाप से पैसा भी नहीं लाएगी तो तू मेरे किस काम की? परितोष की पहली पत्नी को तो मैं हकाल चुकी हूँ, तुझे भी यहाँ नहीं रहने दूँगी और मैं अपने बेटे की तीसरी शादी करवाऊँगी और इस तरह एक दिन परितोष की मां रंजना पोहनकर ने बेबी यादव को अपने दहिसर वाले घर से निकाल दिया.

ससुराल में टिकने नहीं दिया

परितोष की मां रंजना पोहनकर ने बेबी यादव को अपने दहिसर वाले घर पर टिकने नहीं दिया तो वह कोटा अपने मां बाप के घर आ गयी लेकिन पीछे-पीछे परितोष पोहनकर भी कोटा आ गया जहाँ परितोष ने कोटा में अपनी पत्नी बेबी यादव के साथ ही रहने का फैसला किया तो बेबी ने अपना खुद का घर बनाने का फैसला किया और परितोष भी बेबी के बनाये अपने कोठीनुमा घर 76-ए, देवली अरब रोड, स्ट्रीट बजाज सर्विस सेंटर, नेहरु नगर, कोटा पर रहने लगा. लेकिन यहाँ भी रंजना पोहनकर ने अपने बहु-बेटे का पीछा नहीं छोड़ा और मुंबई से कोटा आकर वे दोनों उनके ही साथ रहने लगे. अपने सास-ससुर और पति की प्रताड़ना के साथ बेबी यादव का वक्त बीतता रहा.

पत्नी के खिलाफ बेटे का ब्रेन वाश करती माँ

एक बार फिर रंजना पोहनकर बेबी यादव को अपने माँ-बाप से दहेज़ न लाने और बेबी यादव की पगार हथियाने के लिए उसे टार्चर करने लगी. और उसने बेबी यादव के खिलाफ परितोष का ब्रेन वाश करना शुरू कर दिया. सास अपने बेटे को बहु से अक्सर दूर कर देती थी ताकि वह दोनों पति-पत्नी कम से कम मिल सकें. खूंखार और क्रूर सास की भूमिका निभा रही रंजना पोहनकर की इस साजिश में उसके पति सुधीर पोहनकर, पति के भाई अजय पोहनकर और अजय का बेटा अभिजीत पोहनकर भी खुलकर और सक्रिय रूप से रंजना का साथ देते आ रहे थे. लेकिन बेबी यादव ने उसके आगे घुटने टेकने से साफ मना कर दिया. उसने कह दिया कि न तो वह अपने माँ-बाप से पैसे ला कर देगी और ना ही अपनी पगार के पैसे उनको देगी. इसके लिए कई बार सास रंजना ने अपनी बहु बेबी यादव को इतना मारा पीटा कि वह मरते-मरते बची.

माँ-बाप की दौलत में से हिस्सा लाओ वरना जाओ

इतना ही नहीं बेबी यादव पर दवाब डाला गया कि वह अपने माँ-बाप से उनकी जायदाद में से अपने हिस्से की मांग करे. लेकिन इसके लिए भी बेबी यादव ने इनकार कर दिया लेकिन कहा कि फिर भी आपको हिस्सा चाहिए तो मेरे पिता से बात कर लीजिये. इस विषय पर बात करने के लिए ये तीनों रंजना पोहनकर और सुधीर पोहनकर और परितोष पोहनकर 07-05-2017 को मेरे पिता के निवास स्थान पर उनसे बात करने के लिए कोटा आये और मेरे पिता से कहा कि आपके दो लडके और एक लड़की है, तो आप एक तिहाई हिस्सा अपनी लड़की के नाम कर दें तो हम इसे अपने पास रखेंगे वरना नहीं. लेकिन मेरे पिता और मैंने उनकी इस नाजायज मांग को तुरंत ठुकरा दिया तो उन्होंने हमारे साथ, मेरे और मेरे माता-पिता और भाई के के साथ गाली-गलौच और मार-पीट की और रंजना पोहनकर ने मुझे धमकी दी कि वह मेरी सरकारी नौकरी छुडवा देगी और मेरा जीना हराम कर देगी.

गैर मर्दों से शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दवाब

रंजना पोहनकर ने कई बार बेबी यादव से कहा, कि बड़े लोगों से हमारे सम्बन्ध हैं, मैं जैसा कहती हूँ वैसा कर, जिसके साथ कहूं उसके साथ जाकर सो जा, मुझे बस पैसा चाहिए, मुझे इस पैसे से मेरी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगानी है. इस तरह अपनी ही बहू को रंजना पोहनकर ने देह व्यापार के दलदल में फंसाने की भरपूर कोशिश की. कोई एक पत्रकार है, संजीव पांडे जो इनका एक नंबर का चमचा है, रंजना पोहनकर उससे अक्सर मुझे फोन करवाती है. ये इनके लोग हैं- अजय पोहनकर, राकेश श्रीमाली, नरेंद्र पोहनकर ये लोग मुझे फ़ोन पर गालियाँ देते हैं. बेबी यादव का कहना है कि यह रंजना पोहनकर नामक औरत एक शातिर अपराधी है, उसकी नजर में रिश्तों की कोई अहमियत नहीं है. इसका सलाखों के पीछे जाना बेहद जरूरी है, वरना यह अपने बेटे से मेरा पीछा छुडाने के बाद फिर किसी मासूम लड़की को अपने नाम और पैसे की हवास पूरी करने के लिए अपना शिकार बनाएगी.

गहने, जेवर, घड़ी, गहने लेकर सास-ससुर-पति गायब

बेबी यादव एक पढी-लिखी, अच्छे संस्कार और हिम्मत वाली महिला है. वह यह तो पहले ही समझ गयी थी कि परितोष से शादी करके वह गलत जगह फंस चुकी है लेकिन उसके सास-ससुर और परिवार वाले इतने गिरे हुए हो सकते हैं कि वे उससे देहव्यापार कराने तक की सोच सकते हैं यह उसने नहीं सोचा था. 14-09-2015 को बेबी यादव जब अपने जॉब से वापस घर लौटी तो देखा सास, ससुर, पति सब लोग गायब हैं और, उसकी तिजोरी से उसके सोने-चांदी के जेवर, घड़ी व गहने सब गायब हैं. बेबी ने परितोष को फ़ोन करके यूँ अचानक गायब होने का कारण पूछा तो उसकी माँ रंजना ने जवाब दिया कि हमने तुझे हमेशा के लिए छोड़ दिया है.

पगार शेयर नहीं की तो नौकरी से सस्पेंड करवा दिया

कुछ दिन बाद बेबी यादव को पशुपालन विभाग की सरकारी नौकरी से निलंबित कर दिया गया, जिसके पीछे बेबी यादव का आरोप है कि उसकी सास का ही हाथ है, क्योकि वह अक्सर धमकी देती थी कि अगर तू अपनी पगार हमें नहीं देगी तो अजय गुप्ता हमारा आदमी है, हम उससे कहकर कुछ दिन के लिए तुझे नौकरी से सस्पेंड करवा देंगे और वैसा ही उसने किया. कोटा के कुन्हाडी पुलिस थाने ने इस मामले की शिकायत दर्ज करने यह कह कर मना कर दिया कि यह आपका घरेलू मामला है इसे अपने परिवार में ही निपटाओ. तब पीड़ित को कोटा के महिला पुलिस थाने का रुख करना पड़ा और बड़े प्रयास के बाद यह मामला वहां दर्ज हो सका है लेकिन दूसरे प्रदेश –महाराष्ट्र का होने के कारण शिकायत पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है.

घरेलु हिंसा का अपराध दर्ज, अभियुक्त की तलाश जारी

कोटा शहर के महिला पुलिस थाने के अधिकारी का कहना है कि कोटा की बेबी यादव की फ़रियाद पर परितोष के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिए गया है, प्रथम दृष्टया इस मामले में अभियुक्त सास-ससुर रंजना पोहनकर और सुधीर पोहनकर और पति परितोष पोहनकर के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जिसकी सूचना दहिसर मुंबई के पुलिस थाने को दे दी गयी है लेकिन उन्हें दहिसर पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है. कोटा शहर के महिला पुलिस थाने के अधिकारी का कहना है कि दहिसर पुलिस का यही रवैया रहा तो शीघ्र हमारी एक पुलिस टीम मुंबई आयेगी और अभियुक्त रंजना पोहनकर और सुधीर पोहनकर और परितोष पोहनकर जहाँ भी छुपे होंगे उनको ढूंढ निकलेगी. इस रिपोर्टर ने अभियुक्त परिवार का पक्ष जानने के लिए उसके दहिसर आवास पर जाकर संपर्क करने का प्रयास किया जो विफल रहा क्योकि घर बाहर से लॉक था.

केस पेपर्स के फोटो     

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