कर्नाटक ओपनियन पोल सर्वे: फिर बन सकती है कांग्रेस सरकार, बढ़ेंगी बीजेपी की सीटें लेकिन सत्तारूढ़ होना मुश्किल

कर्नाटक ओपनियन पोल सर्वे: फिर बन सकती है कांग्रेस सरकार, बढ़ेंगी बीजेपी की सीटें लेकिन सत्तारूढ़ होना मुश्किल

मौजूदा समय में कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के 122, बीजेपी के 43, जेडीएस के 29 और अन्य के 14 विधायक हैं और 16 सीट खाली हैं। एक विधायक एंग्लो-इंडियन समुदाय से नामित हैं।

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में ठीक एक महीने का समय रह गया है। इस बीच सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी, दोनों अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन आज तक ने कर्नाटक का किंग कौन नाम से एक ओपिनियन पोल सर्वे जारी किया है, जिसके मुताबिक कांग्रेस का पलड़ा भारी दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक आज की तारीख में अगर चुनाव हो जाय तो 225 सदस्यों वाले विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस 90 से 101 सीटें पाकर कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी जबकि बीजेपी को 78 से 86 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। जेडीएस गठबंधन को 34 से 43 सीटें मिलती हुई दिखाई गई हैं।

सर्वे में कुल 27,919 लोगों का इंटरव्यू
मौजूदा समय में कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के 122, बीजेपी के 43, जेडीएस के 29 और अन्य के 14 विधायक हैं और 16 सीट खाली हैं। एक विधायक एंग्लो-इंडियन समुदाय से नामित हैं। इस सर्वे को इंडिया टुडे ग्रुप और कार्वी इनसाइट्स ने मिलकर किया है। सर्वे 17 मार्च से 5 अप्रैल, 2018 के बीच सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया। इस दौरान कुल 27,919 लोगों का इंटरव्यू लिया गया। सर्वे में 62 फीसदी ग्रामीण और 38 फीसदी शहरी लोगों ने हिस्सा लिया।

लिंगायत कार्ड है सबसे बड़ा मुद्दा
सर्वे में 52 फीसदी लोगों ने कांग्रेस द्वारा खेले गए लिंगायत कार्ड को मुद्दा माना है जबकि 28 फीसदी ने इसे कोई मुद्दा मानने से इनकार कर दिया। 42 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी के मंदिर-मंदिर जाने से कांग्रेस को फायदा होना बताया है, 35 फीसदी लोगों ने माना कि इससे कांग्रेस को फायदा नहीं होगा, जबकि 20 फीसदी लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी राय नहीं दी। सर्वे में सिद्धारमैया सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री के रूप में उभरे हैं। 33 फीसदी लोगों का मानना है कि सिद्धारमैया दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे जबकि 26 फीसदी लोगों का मानना था कि बी एस येदुरप्पा सीएम बनेंगे।

सिद्धारमैया सरकार को 73 फीसदी लोगों का समर्थन
सर्वे में 73 फीसदी लोगों ने सिद्धारमैया सरकार द्वारा कन्नड़ को अनिवार्य भाषा बनाने का समर्थन किया है जबकि 59 फीसदी लोगों ने राज्य के लिए अलग झंडा की नीति का समर्थन किया है। सर्वे में 31 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कार्यकाल को औसत माना है। बता दें कि अगले महीने 12 मई को सभी सीटों पर चुनाव होंगे और 15 मई को नतीजे आएंगे।

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