हनुमान जयंती विशेष : बजरंगबली हैं भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार

हनुमान जयंती विशेष : बजरंगबली हैं भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार

“नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा” अर्थात हनुमान चालीसा की चौपाईयां रटते-रटते भक्त के सब दुःख दूर हो जाते हैं. वानरराज केसरी और माजा अंजनी के पुत्र हनुमान को सबसे अधिक बलवान और बुद्धिमान माना जाता है। ये भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हैं और पृथ्वी पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। हनुमानजी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिए हुआ। इन्होंने भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता कराई और फिर वानरों की मदद से राक्षसों का संहार किया। इसके अलावा भी हनुमानजी की असंख्य गाथाएं प्रचलित हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में….

कब हुआ हनुमान जी का जन्म

ज्योतिषिय गणना के अनुसार वानरराज केसरी और माता अंजनी के पुत्र हनुमान का जन्म 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे हुआ।

हनुमान नाम की महिमा

इंद्र द्वारा वज्र से प्रहार करने से हनुमान जी की हनु (ठुड्डी) टूट गई और इसी कारण इन्हें हनुमान कहा जाने लगा। इंद्र के प्रहार से मूर्छित हनुमान को जल छिड़ककर देवताओं ने पुनः सचेत किया और प्रत्येक देवता ने उनको अपने-अपने दिव्य अस्त्र-शस्त्र दिए जिसके कारण उनका नाम महावीर हुआ।

कलयुग के अंत में ही हनुमान जी अपना शरीर छोड़ेंगे

हनुमान जी की जयंती को लेकर विद्वानों में मतभेद हैं। हनुमान के कुछ भक्त उनकी जयंती प्रथम चैत्र पक्ष पूर्णिमा को मनाते हैं तो कुछ कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हनुमान जन्मोत्सव मनाते हैं। मान्यता के अनुसार हनुमान जी हिन्दुओं के एकमात्र ऐसे देवता हैं जो सशरीर आज भी विद्यमान हैं और कलयुग के अंत में ही हनुमान जी अपना शरीर छोड़ेंगे।

बल और बुद्धि के दाता हैं हनुमान

हनुमान जी को बुद्धि और बल का दाता कहा जाता है, रामचरितमानस के उत्तरकांड में भगवान राम ने हनुमान जी को प्रज्ञा, धीर, वीर, राजनीति में निपुण आदि विशेषणों से संबोधित किया है। जो भी व्यक्ति हनुमान जी की भक्ति करता है उसे वह बल और बुद्धि प्रदान करते हैं।

हनुमान की भक्ति से मिलती है भूत-प्रेत बाधाओं से मुक्ति

हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक पढ़ने मात्र से ही व्यक्ति के सारे संकट दूर हो जाते हैं। भूत-प्रेत बाधाओं और शनि के प्रकोप से बचने के लिए हनुमान जी की भक्ति सबसे उत्तम है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

About Admin

With a vision to create an independent media platform for common men of India, India Ajtak was founded in 2012 by IPS Yadav a visionary media man under the ownership of Independent Publicity Services, Mumbai. Web Portal http://indiaajtak.com/ and You Tube Channel https://youtube.com/indiaajtaklive publishes exclusive contents related (but not limited to) Innovative News Biographies, Success Stories, Business Listing, Portfolios, Headlines, Current Affairs, Events, Breaking News, Trending News, Reviews, Interviews, Analysis, Investigations.
View all posts by Admin →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *