‘Advantage Assam-Global Investors Summit 2018’ -Assam to invest millions of crores of rupees

‘एडवांटेज असम-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट २०१८’-असम को मिली लाखों करोड़ रुपये के निवेश की सौगात

असम ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए एक विकासोन्मुखी युग के दृढ विश्वास सजा पर जोर दिया; भारत और विदेशी देशों की व्यापारिक बिरादरी से निवेश की ओर से असाधारण दिलचस्पी प्राप्त की

~ शिखर सम्मेलन के पहले दिन ही ६४,३८६ करोड़ रुपये के १६० समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए ~

~ विश्व भर के लगभग ४००० भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योगों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने शिखर सम्मेलन के पहले दिन में अपनी उपस्थिति दर्ज की ~

गुवाहाटी, असम, ३ फरवरी २०१८: असम सरकार के द्वारा आयोजित पहला सबसे बड़ा निवेश को प्रोत्साहित करने और सुविधाजनक बनाने की पहल, ‘एडवांटेज असम – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, २०१८’ में शिखर सम्मेलन के पहले दिन ६४,३८६ करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जहाँ उत्तर-पूर्वी भारत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में अत्यंत बहुचर्चित निवेश के शिखर सम्मेलन में व्यापारिक व्यावसायिक बिरादरी के दिग्गजों का आगमन हुआ। असम सरकार के सकारात्मक प्रयोजनों से उत्साहित, इस राज्य ने आज दुनिया को बताया कि की प्रकार यह तेज़ी से औद्योगिक निवेश के संतुलित प्रतिरूप के माध्यम से रोजगार सृजन और समावेशी विकास की दिशा में बढ़ रहा है। यह दो दिवसीय शिखर सम्मेलन गुवाहाटी में ३-४ फरवरी, २०१८ के दौरान आयोजित किया जा रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने आज शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया और इस राज्य के विकास की गाथा को प्रस्तुत करने के लिए असम के मुख्यमंत्री श्री सरबानंद सोनोवाल की अगुवाई में असम सरकार द्वारा मार्गदर्शक बल प्रदान करने के लिए लगातार दृढ़ संकल्प लेने की सराहना की। असम ने उद्योगों के सफ़ल लोगों की ओर भारी समर्थन और प्रशंसा प्राप्त की क्योंकि व्यापार और औद्योगिक विकास के माध्यम से नई पूंजी के निर्माण पर जोर देते हुए यह राज्य एक नया अध्याय लिखने की ओर अग्रसर है।

शिखर सम्मेलन के पहले दिन असम के मुख्यमंत्री, श्री सर्बानंदा सोनोवाल की श्रद्धास्पद उपस्थिति में ६०,००० करोड़ रुपये मूल्य के १६० समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। ऑयल इंडिया १०,००० करोड़ रुपये का निवेश करेगी, इंडो-यूके इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ २,७०० करोड़ रुपये का निवेश करेगी, सेंचुरी प्लाई की २,१०० करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है, स्पाइसजेट ने उड़ान योजना के तहत लखीमपुर और जोरहाट को जोड़ने के अलावा पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु समुद्री विमानों के माध्यम से असम में १,२५० करोड़ रुपये के निवेश की योजना की रूपरेखा तैयार की। इन्फिनिटी ग्रुप गुवाहाटी में आईटी पार्क और रियल एस्टेट में १,००० करोड़ रुपये का निवेश करेगा। मेदांता ग्रुप ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में ५०० करोड़ रुपये के निवेश के अपने प्रस्ताव की जानकारी दी। एस्सेल इन्फ्रा ग्रुप सड़क इन्फ्रा, पावर और जल संसाधन के क्षेत्र में निवेश करेगा। डालमिया भरत सीमेंट ने १,१०० करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। असम सरकार के द्वारा ध्यान केंद्रित किए जानेवाले मुख्य क्षेत्रों में से एक पर्यटन क्षेत्र में लगभग ७३६ करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव की सहमति प्राप्त हुई। आधारभूत ढाँचे के क्षेत्र जैसे प्रगति के प्रमुख निर्धारक क्षेत्र को २,३४७ करोड़ रुपये के कुल निवेश का प्रस्ताव मिला।

श्री मुकेश अंबानी ने स्थायी आजीविका के अवसर के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि भारत में रिलायंस जियो का प्रति व्यक्ति डेटा उपयोग असम में सबसे अधिक है। राज्य में नए कार्यालय खोलना जिओ का उद्देश्य है क्योंकि रिलायंस ने पहले ही असम में ५००० करोड़ रुपये का निवेश किया हुआ है और अगले तीन वर्षों में यह अतिरिक्त २,५०० करोड़ रुपये निवेश करेगी। राज्य में फुटबॉल के प्रति जुनून को ध्यान में रखते हुए, आईएमजी रिलायंस द्वारा संचालित इंडियन सुपर लीग असम सरकार के सहयोग से एक प्रथम दर्जे की फुटबॉल अकादमी स्थापित करना चाहती है। स्थायी तौर पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिलायंस फाउंडेशन असम में एक विश्वविद्यालय स्थापित करेगा।

टाटा सन्स के अध्यक्ष, श्री एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि उनकी कंपनी कैंसर अस्पताल की सुविधाओं के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और असम में करीब २ मिलियन लोगों के जीवन को प्रभावित करने की योजना बना रही है।

समानांतर विषय आधारित सत्र पाँच अलग-अलग कक्षों में आयोजित किए गए थे जहाँ कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, प्लास्टिक और पेट्रोकेमिकल्स, अभिनवता और स्टार्ट अप, चेक गणराज्य और जापान की ओर से क्रमशः पावर और देश के सत्र जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए थे।

विषय आधारित सत्रों की मुख्य विशेषताएँ रहीं –

पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्टार्टअप और अभिनवता के तहत ‘पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना – उत्तरपूर्वी क्षेत्र के स्टार्टअप्स को इस क्षेत्र में सफ़ल होने के लिए किस चीज़ की आवश्यकता है’ – इन्वेस्ट इंडिया (स्टार्टअप इंडिया) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री दीपक बागला के द्वारा एक दिलचस्प सम्भाषण दिया गया, श्री आर. रमनन, अभियान निदेशक, अटल इनोवेशन मिशन, नीती आयोग, श्री फैम दुयहियु, स्टार्टअप वियतनाम फाउंडेशन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने परिचर्चा में भाग लिया।

इस सत्र के बाद राज्य मंत्री, पावर, मंत्री श्री पल्लब लोचन दास, असम सरकार द्वारा विद्युत क्षेत्र पर एक विभागीय सत्र प्रस्तुत किया गया, श्री राज कुमार सिंह, केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, भारत सरकार द्वारा एक विशेष अभिभाषण प्रस्तुत किया गया।

विद्युत क्षेत्र पर एक पैनल चर्चा: विद्युत क्षेत्र में रोजगार के साधनों के रूप में ऊर्जा क्षेत्र में विनिर्माण को प्रोत्साहित करना में श्री अनिल चौधरी, श्नाइडर इलेक्ट्रिक के प्रबंध निदेशक और क्षेत्रीय अध्यक्ष, श्री अमित कुमार, प्रमुख-मीटर प्रोटेक्शन सिस्टम्स, एलएंडटी लिमिटेड और श्री जयदीप जैन, निदेशक, टेस्ला ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड शामिल थे।

प्लास्टिक्स और पेट्रोकेमिकल्स के क्षेत्रीय सत्र निवेश के अवसरों और असम और पूर्वोत्तर राज्यों के प्लास्टिक और पेट्रोकेमिकल्स के अभिनवकारी तौर-तरीकों पर केंद्रित था। श्री राजीव कपूर, सचिव, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स, भारत सरकार ने एक विशेष संबोधन के माध्यम से जानकारी दी की इस क्षेत्र से राज्य कैसे लाभान्वित हो सकता है। श्री जीस टैन बर्ज, निदेशक, पॉलिऑलेफ़िंस, जर्मनी, श्री कमल टंडन, प्रमुख, पेट्रोकेमिकल विभाग, गेल, श्री अविनाश जोशी, आईएएस, प्रबंध निदेशक, ओएनजीसी पेट्रो एडिशन्स लिमिटेड (ओपीएएल), श्री रबीन मुखोपाध्याय, कार्यकारी उपाध्यक्ष – वाणिज्यिक, विपणन और व्यापार विकास, हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एचपीएल), श्री एम. वेंकटेश, निदेशक (रिफाइनरी), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल), श्री अशोक गोयल, अध्यक्ष, एसेल प्रोपैक लिमिटेड ने इस सत्र में भाग लिया जिसमें श्री ए.के. सिंह, प्रबंध निदेशक, बीसीपीएल, श्री हितेन भेडा, एआईपीएमए के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।

इसलिए, इस राज्य के लिए आसियान देशों या बीबीआईएन में अपने व्यवसाय का विस्तार करने की सम्भावनायें तलाश कर रहे प्लास्टिक और पेट्रोकेमिकल उद्योगों का आधार होने के कारण लाभ मिलता है। असम में निकटतम रेलवे स्टेशन से केवल ५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित तिनसुकिया प्लास्टिक्स पार्क भी है, जो कि उच्चतम घनत्व वाले पॉलीथिलीन (एचडीपीई), रैखिक कम घनत्व वाले पॉलीथिलीन (एलएलडीपीई) और पॉली-प्रोपीलीन (पीपी) का उत्पादन करता है। यह राज्य हाइड्रोकार्बन विजन २०३० नॉर्थ ईस्ट को प्राप्त करने के लिए भी कार्य कर रहा है, इसका लक्ष्य भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थापित करना भी है।

असम सरकार के कुछ प्रमुख प्रयास हैं:

· व्यापारिक व्यक्तियों द्वारा भू-रूपांतरण की समस्याओं के बिना उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि की ख़रीद को सुविधाजनक बनाने के लिए एक १६० वर्ग किलोमीटर औद्योगिक क्षेत्र को कैबिनेट द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।

· नई औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए भूमि का नए सिरे से आवंटन किया गया है।

· बड़े पैमाने की अनेकों अंतर्राष्ट्रीय संपर्क परियोजनाओं के पूरा होने के साथ ही असम तेज़ी से एक संपर्क केंद्र के रूप में उभर रहा है।

· आधारभूत ढाँचे को मजबूत करने के लिए राज्य के भीतर औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी बेहतर बनाया जा रहा है।

· श्रम कौशल बढ़ाने और महाविद्यालयों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तकनीकी और उद्योग उन्मुख पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित करना

· बिजली वितरण, सड़क संरचना, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सामान्य सुविधाओं जैसी व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र के बुनियादी सिद्धांतों को मजबूत करना।

देश के सत्र में जापान के एच.ई. जापान के राजदूत महामहिम श्री केंजी हिरामात्सु, श्री ताकेमा साकामोटो, मुख्य प्रतिनिधि, जिका इंडिया कार्यालय, श्री मासाहारु हासेगावा, उप प्रबंध निदेशक, एनईसी टेक्नोलॉजीज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, श्री नाकागावा कोसुके, उपराष्ट्रपति, टेरा मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, श्री ताकाशी शुचिया, उप महानिदेशक, जेट्रो नई दिल्ली, जापान ने लोगों को शिक्षा, खेल के क्षेत्र में असम के साथ लोगों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए अपनी जिज्ञासा प्रकट की।
असम सरकार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए व्यवसाय करने में सुगमता प्रदान करने की गंभीरता को भी समझती है। इसका उद्देश्य राज्य में संभावित और मौजूदा व्यवसायी समुदाय के लिए सर्वश्रेष्ठ समर्थन प्रदान करने के लिए एक मंच तैयार करने और विकास के लिए महत्वपूर्ण तत्वों के तौर पर प्रौद्योगिकी, नवीनता, समग्रता और स्थिरता के इस्तेमाल के द्वारा राज्य में सभी के लिए समृद्धि के दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। इस आशय के लिए, सरकार ने विभिन्न प्रासंगिक सरकारी विभागों के साथ समन्वय करने के लिए एक सिंगल विंडो एजेंसी की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य समय और लागत की बचत के माध्यम से राज्य और देश की अर्थव्यवस्था की दक्षता में वृद्धि करना है। यह असम राज्य में प्रतिस्पर्धी और निर्भर रहने वाली व्यापारिक संस्कृति के निरंतर विकास और संरक्षण के लिए अनुकूल कार्य करने के वातावरण की स्थापना सुनिश्चित करेगा।

प्रथम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, २०१८ का उद्देश्य असम को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए भारत के द्रुतगति मार्ग में दर्शाना है। एडवांटेज असम असम सरकार द्वारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश प्रोत्साहन और सुगमता प्रयास होगा। इसके अलावा, शिखर सम्मेलन में आसियान और बीबीएन देशों के लिए निर्यात उन्मुख विनिर्माण और सेवाओं के संदर्भ में राज्य द्वारा प्रदत्त अवसरों को भी प्रदर्शित किया जायेगा। यह शिखर सम्मेलन आसियान के लिए भारत के द्रुतगति मार्ग के तौर पर असम की जनसांख्यिकीय श्रेष्ठता पर ज़ोर देता है।

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